• August 21, 2026
  • Last Update August 11, 2026 1:14 am
  • Bareilly
मानसून सत्र

मानसून सत्र से पहले हुई लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक, बनाई समय सारणी

सोमवार से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत होने जा रही है। सत्र के आरंभ होने से पहले रविवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला की अध्यक्षता में बिजनेस एडवाइजरी कमेटी (बीएसी) की बैठक हुई। बैठक में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और मानसून सत्र के दौरान सदन की कार्यवाही, विधायी एजेंडा और जनहित के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों से सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में मानसून सत्र को सफल और गरिमापूर्ण बनाने के लिए रचनात्मक बहस, सार्थक चर्चा और सभी सदस्यों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

मानसून सत्र में इन विधेयकों पर होगी चर्चा

इस बैठक में कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के लिए समय भी तय किया गया। इनके अनुसार:

विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 (FCRA)- 4 घंटे

आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 – 4 घंटे

सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 – 4 घंटे

जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 – 4 घंटे

राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 – 4 घंटे

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विकास संशोधन विधेयक, 2026 – 5 घंटे

मानसून सत्र में कई अहम विधेयक लाने की तैयारी में है सरकार

जानकारी के अनुसार सरकार मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश करने और पारित कराने की तैयारी में है। इनमें विदेशी चंदा कानून (एफसीआरए), आयकर कानून, सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने, जन्म-मृत्यु पंजीकरण व्यवस्था, राष्ट्रीय सम्मान से जुड़े कानून और एमएसएमई क्षेत्र में सुधार से संबंधित विधेयक प्रमुख हैं।

यह भी पढ़ें:- 189 वर्षों की गौरवगाथा का साक्षी बरेली कॉलेज: शिक्षा, संस्कृति और स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत को संजोए मनाएगा स्थापना दिवस

सभी दलों से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने की अपील

मानसून सत्र की शुरुआत से एक दिन पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी राजनीतिक दलों से सदन की कार्यवाही शांतिपूर्ण, व्यवस्थित और सुचारु रूप से चलाने में सहयोग देने की अपील की। उन्होंने कहा कि संसद में जनता से जुड़े मुद्दों पर व्यापक और सार्थक चर्चा होनी चाहिए, ताकि लोगों की समस्याओं का समाधान निकल सके। लोकसभा अध्यक्ष ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में सरकार और विपक्ष के प्रतिनिधियों ने आगामी सत्र के विधायी कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार रखे। इस बैठक में कई दलों ने जनहित और राष्ट्रीय महत्व के कई विषयों पर चर्चा कराने का सुझाव भी दिया, जिसे समिति ने नोट किया।

ओम बिरला ने रचनात्मक बहस और संसदीय परंपराओं पर दिया जोर

इस बैठक के दौरान ओम बिरला ने कहा कि संसद लोकतंत्र का सबसे महत्वपूर्ण मंच है। इसलिए सभी सांसदों को रचनात्मक चर्चा, सार्थक भागीदारी और संसदीय परंपराओं का पालन करना चाहिए। उन्होंने सभी दलों से अपील की कि वे ऐसा माहौल बनाएं, जिससे जनता से जुड़े मुद्दों पर गंभीर और उपयोगी चर्चा हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि विभिन्न विषयों पर चर्चा का समय और कार्यक्रम संसदीय प्रक्रियाओं के अनुसार सरकार और विपक्ष के नेताओं से परामर्श करके तय किया जाएगा।

रिजिजू बोले- हंगामा नहीं हुआ, तो विधेयकों पर होगी चर्चा: किरेन रिजिजू

बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार जिन महत्वपूर्ण विधेयकों को संसद में लाना चाहती है, उनके लिए समय निर्धारित कर दिया गया है। विपक्ष ने भी कुछ सुझाव दिए हैं, जिन्हें सरकार ने नोट किया है। उन्होंने कहा, ‘हमने विपक्ष से अपील की है कि सोमवार को संसद की कार्यवाही के दौरान हंगामा न हो। अगर सदन शांतिपूर्वक चलेगा तो कई विधेयकों पर चर्चा कराई जाएगी’। उन्होंने बताया कि कुछ विधेयक पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन उन्होंने यह बताने से इनकार कर दिया कि पहले दिन कौन-कौन से बिल सदन में लाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विपक्ष हंगामा करेगा तो सदन का कामकाज प्रभावित होगा।

सवालों से बचना चाहती है सरकार: कांग्रेस

लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने कहा कि विपक्ष सरकार के विधेयकों पर रचनात्मक सहयोग देने के लिए तैयार है। लेकिन बदले में सरकार को भी जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि वह राम मंदिर, नीट और एथेनॉल नीति जैसे मुद्दों पर चर्चा कराने के लिए तैयार है या नहीं। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार इन विषयों पर चर्चा से बचना चाहती है और सदन में ऐसा माहौल बनाना चाहती है, जिससे इन मुद्दों पर बात ही न हो सके।

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने किया वॉकआउट

बीएसी की बैठक में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की बागी नेता काकोली घोष दस्तिदार भी शामिल हुईं। इससे पहले रविवार सुबह मानसून सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक से पूरा विपक्ष प्रतीकात्मक रूप से वॉकआउट कर गया। विपक्ष ने आरोप लगाया कि लोकसभा अध्यक्ष ने टीएमसी के 20 बागी सांसदों को अलग से बैठने की अनुमति देकर गलत फैसला लिया है। इन सांसदों ने दावा किया है कि वे नेशनल सिटिजंस पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए हैं, जबकि इस पार्टी का संसद में पहले कोई प्रतिनिधित्व नहीं था।

वंदे मातरम्पर पेश होगा विधेयक

जानकारी के अनुसार संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को केंद्र सरकार राज्यसभा में ‘वंदे मातरम्’ के अपमान को दंडनीय अपराध बनाने के लिए एक विधेयक पेश करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ‘राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026’ को सदन में पेश करेंगे। यह विधेयक राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 में संशोधन करेगा। मौजूदा कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ का अपमान करना अपराध है, जिसके लिए तीन साल तक की जेल की सजा का प्रावधान है।

13 अगस्त तक चलेगा मानसून सत्र

संसद का मानसून सत्र सोमवार 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त तक चलेगा। इस दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करने की तैयारी में है, जबकि विपक्ष कई जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है। ऐसे में दोनों पक्षों के रुख पर इस सत्र की कार्यवाही काफी हद तक निर्भर करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *