बरेली। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए संचालित लखपति महिला कार्यक्रम और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की प्रगति को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक हुई। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में समूह गठन, बैंक खाते खोलने, संभावित लखपति दीदियों के चिन्हीकरण और महिलाओं की आय बढ़ाने की योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई।
बैठक में डिप्टी कमिश्नर एनआरएलएम ने बताया कि लखपति महिला कार्यक्रम के तहत जनपद बरेली को 1,23,762 स्वयं सहायता समूह सदस्य महिलाओं की आय में सम्मानजनक वृद्धि करने का लक्ष्य मिला है। कृषि और गैर-कृषि आधारित आजीविका गतिविधियों के माध्यम से महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वयं सहायता समूहों के गठन के लिए जनपद को 26,883 समूहों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिलाधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि लक्ष्य को पूरा करने के लिए माहवार कार्ययोजना तैयार की जाए और उसकी नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने सचिवों के कार्यों की भी समीक्षा करने तथा खराब प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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डीएम ने डिप्टी कमिश्नर एनआरएलएम को सभी विकासखंडों की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने पंचायत सहायकों, कोटेदारों, सचिवों और एडीओ को भी अभियान से जोड़कर स्वयं सहायता समूहों के गठन में तेजी लाने को कहा। साथ ही बीएमएम के कार्यों की दैनिक समीक्षा कर कमजोर प्रदर्शन करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
बैंक खाते खोलने में देरी पर जताई नाराजगी
बैठक में नए और पुराने स्वयं सहायता समूहों के बैंक खाते नहीं खुल पाने के मामलों की भी समीक्षा की गई। इस दौरान भदपुरा और मीरगंज विकासखंड में बैंक खाते खोलने के मामले अधिक लंबित पाए गए। जिलाधिकारी ने संबंधित खंड विकास अधिकारियों और बैंक प्रतिनिधियों को आपसी समन्वय बेहतर करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को बैंकिंग सुविधाओं का लाभ समय से मिलना जरूरी है, ताकि महिलाएं विभिन्न आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ा सकें। बैंक संबंधी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक विकासखंड में विशेष शिविर आयोजित कराने के भी निर्देश दिए गए।
55,489 संभावित लखपति दीदियों की पहचान
बैठक में पोटेंशियल लखपति दीदी के चिन्हीकरण की भी समीक्षा हुई। अधिकारियों ने बताया कि जिले में अब तक 55,489 संभावित लखपति दीदियों की पहचान की जा चुकी है। जिलाधिकारी ने शेष महिलाओं के चिन्हीकरण का कार्य जल्द पूरा कराने को कहा।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना तक सीमित नहीं होना चाहिए। महिलाओं को आगे बढ़ाकर करोड़पति दीदी बनने की दिशा में भी अवसर उपलब्ध कराने की जरूरत है। इसके लिए नवाचार आधारित आजीविका मॉडल तैयार किए जाएं, जिससे स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक गतिविधियों के साथ नए क्षेत्रों में भी अपनी आय बढ़ा सकें।
डीएम ने सखियों और सेक्टर अधिकारियों को भी प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए, ताकि वे महिलाओं को बेहतर आजीविका गतिविधियों से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
बैठक में जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, जिला पंचायती राज अधिकारी, सभी खंड विकास अधिकारी और विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
