शहजाद पूनावाला का भाजपा से अलग होने की अटकलों के बीच एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो की शुरुआत ऐसी है मानो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कर रहे हों, लेकिन आगे चलकर स्पष्ट होता है कि उनका बयान विपक्ष के आरोपों पर व्यंग्य है। वीडियो में पूनावाला कहते हैं कि वह प्रधानमंत्री मोदी से ‘निराश’ हैं क्योंकि 12 साल बाद भी उन्हें तानाशाही करना नहीं आया।
शहजाद पूनावाला: तानाशाही देखना हो तो कांग्रेस को देखें
शहजाद पूनावाला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी एक वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि सोशल मीडिया पर संवैधानिक पदों और प्रधानमंत्री की माता के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों के बावजूद पीएम मोदी ने संबंधित बच्चों को ‘शरारती बच्चे’ बताते हुए उन्हें माफ करने की अपील की थी। पूनावाला के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति वास्तव में तानाशाह होता, तो उसका व्यवहार ऐसा नहीं होता।
पूनावाला ने कहा कि यदि किसी को वास्तविक तानाशाही और आपातकाल का उदाहरण देखना है, तो उसे कांग्रेस के इतिहास की ओर देखना चाहिए। उन्होंने आपातकाल, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंधों और उस दौर में हुई राजनीतिक कार्रवाइयों का हवाला देते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा।
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विपक्ष पर साधा निशाना
पूनावाला ने आरोप लगाया कि केरल में राहुल गांधी के खिलाफ कथित आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वाले तीन इंस्टाग्राम उपयोगकर्ताओं के खिलाफ मामले दर्ज किए गए। इस उदाहरण के जरिए उन्होंने विपक्ष पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। वीडियो में कई अखबारों की कटिंग दिखाते हुए पूनावाला ने दावा किया कि तेलंगाना, कर्नाटक और केरल जैसे विपक्षी दलों के शासन वाले राज्यों में प्रदर्शनकारियों, छात्रों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर और कानूनी कार्रवाई की गई।
उन्होंने असम के AASU आंदोलन, गुजरात के नवनिर्माण आंदोलन और 2011-13 के अन्ना आंदोलन का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस शासन के दौरान भी बड़े पैमाने पर आंदोलनकारियों पर कार्रवाई हुई थी।
क्या है पूरा मामला
गौरतलब हो कि शहजाद पूनावाला ने शुक्रवार को अपने एक्स (ट्विटर) प्रोफाइल से बीजेपी का उल्लेख हटा दिया, जिसके बाद उनके पार्टी छोड़ने की अटकलें तेज हो गईं। हालांकि, इस विषय पर न तो पूनावाला और न ही भारतीय जनता पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने आया है। हालांकि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आजीवन अनुयायी बताया है।
