• August 21, 2026
  • Last Update August 11, 2026 1:14 am
  • Bareilly
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महिला ने नगर निगम के राजस्व निरीक्षक पर लगाए गंभीर आरोप, महिला के समर्थन में आए पूर्व उपसभापति

एक बार फिर बरेली नगर निगम गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है। महिला ने नगर निगम के राजस्व निरीक्षक पर रिश्वत लेने के आरोप के साथ अतिरिक्त रकम मांगने, धमकी देने, अभद्रता करने और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही बरेली नगर निगम के पूर्व उपसभापति ने भी राजस्व निरीक्षक पर कई संगीन आरोप लगाए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नगर निगम के जोन-4 में तैनात राजस्व निरीक्षक सच्चिदानंद, जिन पर एक महिला ने हाउस टैक्स के मामले में रिश्वत लेने, फिर अतिरिक्त रकम मांगने, धमकी देने, अभद्रता करने और उत्पीड़न जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पूरे मामले ने तूल तब पकड़ी जब इंसाफ की गुहार लेकर पहुंची महिला के साथ भाजपा नेता एवं नगर निगम के पूर्व उपसभापति अतुल कपूर भी अधिकारी के कार्यालय पहुंचे और वहां हुई कथित अभद्रता का वीडियो सामने आ गया।

क्या है पूरा मामला

दरअसल शाहदाना कॉलोनी निवासी सीमा रानी का आरोप है कि उनके मकान का हाउस टैक्स गलत तरीके से बढ़ा हुआ दिखाया जा रहा था और करीब 61 हजार रुपये का बकाया दर्शाया गया था। जब उन्होंने समाधान के लिए नगर निगम का दरवाजा खटखटाया तो राजस्व निरीक्षक सच्चिदानंद ने कथित रूप से मामला निपटाने के लिए 20 हजार रुपये की मांग की।


महिला का आरोप है कि करीब डेढ़ वर्ष पहले उन्होंने यह रकम दे भी दी, लेकिन न तो कोई रसीद मिली और न ही उनका मामला सुलझाया गया। महिला का कहना है कि इस बावत जब भी वह राजस्व निरीक्षक सच्चिदानन्द के पास जाती थी वह बात को टाल देता था। इतना ही नहीं महिला ने आरोप लगाया कि सच्चिदानन्द उन्हें अलग-अलग नंबरों से फोन कर फिर 20 हजार रुपये की मांग करता था और पैसे न देने पर कुर्की की धमकी तक देता था।

परेशान होकर जब पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत पूर्व उपसभापति एवं भाजपा नेता अतुल कपूर को बताई। अतुल कपूर महिला को साथ लेकर सीधे जोन-4 कार्यालय पहुंचे और राजस्व निरीक्षक से जवाब मांगा। बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कथित तौर पर अधिकारी ने महिला और अतुल कपूर दोनों के साथ अभद्र व्यवहार किया। इस दौरान बातचीत का वीडियो भी सामने आया है, जिसके बाद पूरे मामले ने राजनीतिक रंग ले लिया है।

राजस्व निरीक्षक सच्चिदानन्द पर पहले भी लग चुके हैं कई आरोप

सूत्रों के अनुसार सच्चिदानंद की कार्यशैली को लेकर पहले भी कई बार सवाल उठा चुके हैं। विभिन्न पार्षदों द्वारा कई बार नगर निगम अधिकारियों को शिकायतें भी दी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। विभागीय लोगों का कहना है कि सच्चिदानन्द पिछले छह सालों से एक ही स्थान पर कार्य कर रहा है जबकि नियमानुसार तीन साल में ट्रांसफर किया जाना चाहिए। लेकिन अधिकारियों से सांठ-गांठ के चलते उसका ट्रांसफर नहीं हो रहा है।

राजस्व निरीक्षक की संपत्ति पर भी उठे सवाल

पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में राजस्व निरीक्षक की कथित संपत्तियों की जांच की मांग भी की है। उनका कहना है कि अधिकारी की आय और जीवनशैली की निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।

क्या है पूर्व उपसभापति का कहना

पूर्व उपसभापति अतुल कपूर का कहना है कि वह पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अंत तक उसके साथ खड़े रहेंगे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि राजस्व निरीक्षक सच्चिदानन्द के खिलाफ शिकायत लेकर वह शुक्रवार को मेयर उमेश गौतम से मुलाकात करेंगे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि जब तक महिला को न्याय नहीं मिल जाता तब तक वह शांत नहीं बैठेंगे।

सवालों के घेरे में नगर निगम प्रशासन की भूमिका

राजस्व निरीक्षक सच्चिदानन्द के विवाद के बाद नगर निगम प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में आ गई है। लोग पूछ रहे हैं कि यदि शिकायतें पहले से थीं तो जांच क्यों नहीं हुई और यदि जांच हुई तो उसका परिणाम क्या निकला? साथ ही आखिर एक राजस्व निरीक्षक के खिलाफ बार-बार आरोप क्यों लग रहे हैं और यदि आरोप निराधार हैं तो उन्हें लेकर स्पष्ट जांच क्यों नहीं कराई जाती? साथ ही सच्चिदानन्द का ट्रांसफर नहीं होने पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

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