• September 15, 2026
  • Last Update August 31, 2026 1:57 am
  • Bareilly
जल निकासी

एक घंटे की बारिश में फतेहगंज पश्चिमी जलमग्न, जल निकासी की बदहाल व्यवस्था बनी मुसीबत

बरेली/फतेहगंज पश्चिमी। कस्बे में मंगलवार को हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। बारिश थमने के बाद भी कई मोहल्लों और प्रमुख सड़कों पर घंटों तक पानी भरा रहा। सब्जी मंडी, सींको वाली गली, मोहल्ला अंसारी, नई बस्ती और चौड़ा खड़ंजा समेत कई इलाकों में सड़कें पानी से लबालब नजर आईं। जलभराव के कारण राहगीरों, स्थानीय निवासियों और दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

तेज बारिश के दौरान नालियों का पानी भी सड़कों पर आ गया। जल निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश का पानी कई स्थानों पर जमा रहा। हालात यह रहे कि लोगों को जरूरी काम से घरों से निकलने के लिए गंदे पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा। कई जगह सड़क और नाली का अंतर तक दिखाई नहीं दे रहा था, जिससे राहगीरों को दुर्घटना का भी खतरा बना रहा।

सब्जी मंडी में जल निकासी की सबसे ज्यादा परेशानी

कस्बे की सब्जी मंडी में जलभराव के कारण स्थिति और भी खराब हो गई। दुकानों और ठेलों के आसपास पानी जमा होने से दुकानदारों को अपना सामान बचाने के लिए मशक्कत करनी पड़ी। कई दुकानदारों का कहना है कि बारिश के दौरान ग्राहक भी मंडी तक पहुंचने से बचते हैं, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ता है। व्यापारियों के मुताबिक यदि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ तो बरसात के मौसम में उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।

यह भी पढ़ें: सावन के अंतिम सोमवार पर दिखा सेवा और आस्था का अनूठा संगम, सांसद ने कांवड़ यात्रियों पर की पुष्पवर्षा

नालियों की सफाई नहीं होने से जल निकासी की बढ़ी समस्या

स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे में जलभराव की समस्या कोई नई नहीं है। थोड़ी देर की तेज बारिश होते ही कई मोहल्लों की सड़कें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। लोगों के मुताबिक नालियों की नियमित सफाई नहीं होने और जगह-जगह कूड़ा-कचरा जमा रहने के कारण पानी की निकासी बाधित होती है। कई नालियां गंदगी से अटी पड़ी हैं, जिससे बारिश का पानी आसानी से आगे नहीं निकल पाता।

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जल निकासी की समस्या को लेकर कई बार नगर पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों से शिकायत की जा चुकी है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। बारिश के बाद कुछ स्थानों पर पानी निकालने की कोशिश तो की जाती है, लेकिन जल निकासी की मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।

गंदे पानी से बीमारी का खतरा

सड़कों और गलियों में लंबे समय तक गंदा पानी जमा रहने से लोगों को आवागमन में परेशानी होने के साथ ही स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं भी बढ़ रही हैं। जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों की संख्या बढ़ने से संक्रामक बीमारियों का खतरा भी बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई तो बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।

स्थायी समाधान की मांग

कस्बे के लोगों ने नगर पंचायत से नालियों की नियमित सफाई कराने, जल निकासी के अवरुद्ध रास्तों को खोलने, नालियों पर हुए अतिक्रमण की जांच कराने और जरूरत के अनुसार नए नाले बनवाने की मांग की है। लोगों का कहना है कि केवल बारिश के बाद पानी निकालने की अस्थायी व्यवस्था से समस्या का समाधान नहीं होगा। कस्बे में वैज्ञानिक और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित किए जाने की जरूरत है।

स्थानीय निवासियों ने उम्मीद जताई है कि नगर पंचायत इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल निकासी की व्यवस्था को दुरुस्त कराने के लिए ठोस कदम उठाएगी, ताकि आने वाली बारिश में लोगों को जलभराव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिल सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *