दिल्ली। ईरान ने अमेरिका से बातचीत जारी रखने की इच्छा जताई थी और हम इसके लिए तैयार हैं यह बात अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कही। हालांकि उन्होंने साफ कर दिया कि दोनों देशों के बीच लागू युद्धविराम अब खत्म हो चुका है।
ट्रंप ने क्या कहा?
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ने हमसे बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया है। हम इसके लिए सहमत हैं, लेकिन हमने उन्हें साफ शब्दों में बता दिया है कि युद्धविराम अब खत्म हो चुका है। इस पोस्ट पर ट्रंप ने अपने हस्ताक्षर भी किए।
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क्यों बढ़ा तनाव?
जानकारों की माने तो अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव अचानक नहीं बढ़ा है। पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम युद्धविराम समझौता हुआ था। इसके तहत दोनों देशों को शांति बनाए रखनी थी और ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर हमले रोकने थे। लेकिन पिछले कुछ दिनों में ईरान ने इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर फिर से बमबारी कर दी। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे समझौते का उल्लंघन माना और इसे युद्धविराम खत्म होने का संकेत कहा।
अमेरिका ने ईरान के कई ठिकानों पर की बमबारी
ईरान द्वारा समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर बमबारी करना अमेरिका को समझौता खत्म करना समझा। इसी के जवाब में अमेरिकी सेना ने पिछले दो दिनों में ईरान पर बहुत बड़े हवाई हमले किए हैं। अमेरिका ने ईरान के 170 से ज्यादा सैन्य ठिकानों, मिसाइल भंडारों और बुशहर परमाणु संयंत्र के पास के इलाकों को निशाना बनाया। इन हमलों में ईरान के 14 सैनिकों की मौत हो गई और कई घायल हुए।
खाड़ी देशों को ईरान ने बनाया निशाना
ईरान पर हुए हमलों से भड़ककर ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाया है। उसने कतर, कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में बने अमेरिकी सैन्य अड्डों पर दर्जनों ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। ईरान का कहना है कि अगर अमेरिका हमला करेगा, तो उसे भी जवाबी कार्रवाई झेलनी होगी। इस बदले की भावना और दोनों तरफ से लगातार हो रहे हमलों के कारण दोनों देशों के बीच शांति का समझौता पूरी तरह टूट चुका है और अब पश्चिम एशिया में एक बड़े युद्ध की नौबत आ गई है। हालांकि, ट्रंप के इस बयान ने इशारा किया है कि बातचीत की गुंजाइश बची है।
