चढ़ावा चोरी की तहरीर देकर चर्चाओं में आए कृष्ण मोहन को मिली राम मंदिर की जिम्मेदारी

चढ़ावा चोरी की तहरीर देकर चर्चाओं में आए कृष्ण मोहन को मिली राम मंदिर की जिम्मेदारी

लखनऊ। चढावा चोरी विवाद के बीच सोमवार को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट एक बैठक बुलाई जिसमें कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में सबसे पहले विवादों में घिरे श्री राम मंदिर ट्रस्ट के चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार कर लिया। इस्तीफे के साथ ही ट्रस्ट की व्यवस्था में भी बदलाव किया गया। उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी एवं ट्रस्टी कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व निभाएंगे। गौरतलब हो कि राम चढ़ावा चोरी की तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी। 

जाने कौन हैं कृष्ण मोहन?

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। कृष्ण मोहन मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार से है। उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।

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कमियों को दूर करेंगे: महासचिव कृष्ण मोहन

राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा कि कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कमियां रह गईं थीं। जहां कहीं लूप होल्स हैं, अब इसे बंद करना है। इसका पूरा प्रयत्न करूंगा। समाज में जो माहौल बना है, इससे हमारे न्यास की छवि धूमिल हुई है। मेरा प्रयास रहेगा कि हम सभी न्यासी लोग इस धूमिल छवि को सही करने का प्रयास करेंगे।

राम जन्म भूमि में जो दर्शनार्थी शिलाएं दान करते हैं। इसका हम सभी न्यासी उस लक्ष्य की प्राप्ति को पारदर्शी रूप से करेंगे। पारदर्शी रूप से हर बात को बताया जाएगा, दिखाया जाएगा। हमारे न्यास के प्रति जो अविश्वास की प्रकृति बनी है, उसे दूर किया जाएगा।

पारदर्शी व्यवस्था के लिए गठित की जाएगी समिति

भविष्य में मंदिर की व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और त्रुटिरहित बनाने के लिए बैठक में एक छोटी समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट की अगली बैठक 22 जुलाई को निर्धारित की गई है, जिसमें एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी, नए न्यासियों की नियुक्ति पर विचार होगा और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। 

ट्रस्ट ने दोटूक शब्दों में कहा कि चोरी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और एसआईटी निष्पक्ष जांच कर उन्हें कानून के तहत कठोर दंड दिलाएगी। इसके साथ ही ट्रस्ट ने चिंता जताई कि कुछ असामाजिक तत्व इस घटना की आड़ में देश भर में राम मंदिर और रामभक्तों की छवि को धूमिल करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं, इसलिए समाज को ऐसी किसी भी तरह की अफवाहों और भ्रामक प्रचार से पूरी तरह सावधान रहना चाहिए।

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