बरेली। जैन दानवीर भामाशाह की जयंती के अवसर पर रामपुरबाग स्थित जैन मंदिर में श्री महावीर निर्वाण समिति की ओर से श्रृंखला के द्वितीय “भगवान पार्श्वनाथ नि:शुल्क चिकित्सा महाशिविर” का आयोजन किया गया। शिविर में 197 मरीजों ने विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों से निःशुल्क परामर्श और जांच का लाभ उठाया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के बयान के विरोध में काली रिबन बांधकर सेवाएं दीं।
शिविर में हृदय, अस्थि, मधुमेह, न्यूरोलॉजी, चेस्ट, त्वचा, बाल रोग, सर्जरी, फिजिशियन, ईएनटी, दंत, नेत्र एवं होम्योपैथी सहित विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सेवाएं प्रदान कीं। ईसीजी, ब्लड प्रेशर, शुगर, वजन, ऑक्सीजन, बीएमडी और पीएफटी जैसी जांचें पूरी तरह निःशुल्क की गईं। साथ ही रेडियोलॉजी और पैथोलॉजी जांचों पर 50 प्रतिशत तथा कुछ दवाओं पर विशेष छूट भी उपलब्ध कराई गई। मोतियाबिंद के फेको ऑपरेशन की निःशुल्क सुविधा की जानकारी भी लोगों को दी गई।
इस अवसर पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री सौरभ जैन ने कहा कि जैन संतों की पिच्छी के लिए मोरों की हत्या किए जाने का आरोप निराधार है। उन्होंने कहा कि जैन साधु प्राचीन काल से केवल मोरों द्वारा स्वाभाविक रूप से झड़े हुए पंखों से बनी पिच्छी का ही उपयोग करते हैं।
उन्होंने मेनका गांधी से अपने बयान पर माफी मांगने की मांग की। महाशिविर के संयोजक अधिवक्ता सत्येंद्र कुमार जैन ने कहा कि यदि आरोप सही हैं तो वन विभाग की प्रमाणित रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि मोर राष्ट्रीय पक्षी है और ऐसे मामलों पर सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए।
शिविर की व्यवस्थाओं में समिति के पदाधिकारियों और स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहयोग किया। समापन पर सभी चिकित्सकों को सम्मानित कर आभार व्यक्त किया गया। समिति ने बताया कि श्रृंखला का अगला नि:शुल्क चिकित्सा शिविर 12 जुलाई को आयोजित किया जाएगा।
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