विधानसभा चुनाव में नई रणनीति से उतरेगी सपा, हर बूथ में जोड़े जाएंगे 50 नए डिजिटल योद्धा

विधानसभा चुनाव में नई रणनीति से उतरेगी सपा, हर बूथ में जोड़े जाएंगे 50 नए डिजिटल योद्धा

लखनऊ। विधानसभा चुनाव का शंखनाद बज गया है सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी तैयारी में लगी है। वहीं उत्तर प्रदेश की दूसरे नंबर की सबसे बड़ी पार्टी समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी अपनी कमर कस ली है। इस बार चुनाव में पारंपरिक राजनीति के साथ साथ तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। जिसके लिए पार्टी बूथ लेबल पर लोगों को डिजिटल माध्यम के जरिये पार्टी से जोडे़गी। माना जा रहा है कि सपा डिजिटल माध्यम को गेम चेंजर के रूप में प्रयोग करेगी।

सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार समाजवादी पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ को मजबूत करने के लिए प्रदेव्यापी घर-घर संपर्क अभियान का शंखनाद कर दिया है। पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर जिला और शहर कमेटियों के कार्यकर्ताओं और शीर्ष पदाधिकारियों को सीधे इस अभियान की कमान सौंपी दी है। इस रणनीति के जरिए सपा न केवल अपनी जनकल्याणकारी घोषणाओं को जन-जन तक पहुंचाएगी, बल्कि बूथ स्तर पर पार्टी का एक अभूतपूर्व डिजिटल ढांचा भी खड़ा करने जा रही है।

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जानकारों का मानना है कि समाजवादी पार्टी इस प्रयास से आगामी विधानसभा चुनाव में काफी फायदा मिल सकता है। अभियान के तहत सपा कार्यकर्ता प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र के गांवों, कस्बों और मोहल्लों में घर-घर दस्तक देंगे। इस दौरान पार्टी की नीतियों, भावी योजनाओं और चुनावी घोषणाओं के पत्रक बांटे जाएंगे। कार्यकर्ताओं का मुख्य उद्देश्य आम जनता को यह समझाना है कि सपा की सरकार बनने पर उनके जीवन में क्या सकारात्मक परिवर्तन आएंगे।

सपा ने हर बूथ पर नए डिजिटल सदस्य बनाने का रखा लक्ष्य

जानकारी के अनुसार पार्टी ने इस बार पारंपरिक राजनीति से आगे बढ़कर तकनीक का सहारा लिया है। रणनीति के तहत सूबे के प्रत्येक मतदान केंद्र (बूथ) पर 40 से 50 नए सक्रिय सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ये सभी सदस्य पूरी तरह से डिजिटल माध्यम (मोबाइल एप या ऑनलाइन पोर्टल) के जरिये पार्टी से जोड़े जाएंगे। इस डिजिटल सदस्यता से युवाओं और तकनीक-हितैषी मतदाताओं को पार्टी से जोड़ने में बड़ी मदद मिलने की उम्मीद है।

इस बार सदस्यता सिर्फ कागजों तक सीमित नहीं रहेगी। डिजिटल माध्यम से जुड़ने वाले सभी नए सदस्यों का पूरा डाटाबेस और रिकॉर्ड सीधे पार्टी केंद्रीय मुख्यालय पर लाइव उपलब्ध रहेगा। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस केंद्रीयकृत रिकॉर्ड का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि चुनाव के दौरान या किसी विशेष मुद्दे पर पार्टी नेतृत्व बिना किसी देरी के एक क्लिक पर अपने कार्यकर्ताओं तक सीधे आवश्यक दिशा-निर्देश और संदेश भेज सकेगा।

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