ओडिशा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान गुरुवार को बड़ा हादसा हो गया। ग्रैंड रोड बड़ा डांडा स्थित मरीचि कुंड चौक के पास भारी भीड़ के बीच अचानक भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। घायलों को तत्काल अस्पतालों और अस्थायी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है।
जगन्नाथ पुरी रथ यात्रा के बीच हुआ हादसा
विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में से एक है, जिसमें देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं। गुरुवार को यात्रा की शुरुआत निर्धारित समय से पहले ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान के साथ हुई, जिसमें भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और अन्य देव विग्रहों को 12वीं शताब्दी के श्री जगन्नाथ मंदिर से सुसज्जित रथों तक भव्य शोभायात्रा के माध्यम से लाया गया।
अनुष्ठान के दौरान घंटा, कहली और तेलिंगी बाजा जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार किए, जबकि ओडिसी कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर देवताओं का स्वागत किया। हालांकि ‘पहंडी बीजे’ अनुष्ठान निर्धारित समय से पहले शुरू हुआ, लेकिन इसके समापन में दो घंटे से अधिक की देरी हुई।
रथ खींचने के दौरान बिगड़े हालात
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथों के दर्शन और रथ खींचने के लिए लाखों श्रद्धालु ग्रैंड रोड पर एकत्रित हुए थे। इसी दौरान मरीचि कुंड चौक के पास कुछ श्रद्धालुओं का संतुलन बिगड़ गया। लोगों के गिरते ही पीछे से आ रही भीड़ उन पर चढ़ गई, जिससे अफरा-तफरी मच गई और कई लोग घायल हो गए।
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40 से 50 श्रद्धालु एक–दूसरे पर गिरे
घटनास्थल पर मौजूद एक श्रद्धालु ने बताया कि बाहरी घेरे की बैरिकेडिंग या रस्सी टूटने अथवा कुछ लोगों के संतुलन खोने के कारण भगदड़ जैसी स्थिति बनी। उन्होंने बताया कि करीब 40 से 50 लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए। कई लोगों को गंभीर चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार उन्होंने स्वयं लगभग 20 घायलों को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाने में सहयोग किया।
प्रशासन ने तुरंत शुरू किया बचाव अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, दमकल विभाग, स्वास्थ्य विभाग और आपदा राहत टीम मौके पर पहुंच गई। बचाव दल ने घायलों को तत्काल बाहर निकालकर नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया। सूत्रों के अनुसार लगातार बारिश और अत्यधिक भीड़ के कारण घुटन, चोट और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से पीड़ित लगभग 200 श्रद्धालुओं का विभिन्न अस्पतालों और अस्थायी चिकित्सा केंद्रों में उपचार किया गया।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जताया शोक
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी घायलों को बेहतर से बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही घटना के कारणों की जांच कर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कारणों की जांच जारी
प्रशासन ने फिलहाल भगदड़ के सटीक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर रहे हैं और पूरे घटनाक्रम की जांच जारी है। सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की जा रही है ताकि आगे इस तरह की घटना दोबारा न हो।
