बरेली। साहब मैं अभी जिंदा हूं यह कहना है 70 वर्षिय बुजुर्ग महिला का। यह महिला पिछले चार माह से सरकारी विभागों के चक्कर काट रही है। सरकारी अभिलेखों में 70 वर्षीय इस बुजुर्ग महिला को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि वह पूरी तरह जीवित है। अपनी जीवित होने की पहचान बहाल कराने के लिए महिला पिछले चार माह से अपने पति के साथ विभिन्न सरकारी विभागों के चक्कर काटने को मजबूर है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है।
पीड़ित महिला विमला देवी ने बताया कि वह गोपालपुर नगरिया अनूप बिथरी चैनपुर की निवासी है। छह माह से उसे राशन नहीं मिल रहा है। जब राशन न मिलने पर उसने कोटेदार से बात की तो उसने बताया कि उसका राशन कार्ड निरस्त कर दिया गया है। अपना राशन कार्ड दोबारा से चालू कराने के लिए वह सरकारी विभागों के चक्कर काटने लगी।
महिला का कहना है कि उसने इसकी शिकायत तहसील दिवस में भी की थी लेकिन उसके बाद भी उसकी समस्या का कोई समाधान नहीं निकला। दो महीने पहले किसी ने बताया कि उसका राशन कार्ड इस लिए कैंसिल किया गया क्योंकि सरकारी अभिलेख में उसे मृत घोषित कर दिया गया है। अब महिला दो माह से जिलापूर्ति अधिकारी, एसडीएम और जिलाधिकारी के कार्यालयों के चक्कर लगा रही है।
उसने बताया कि जब से उन्हें इस बात की जानकारी मिली है तब वह लगातार संबंधित विभागों में आवेदन और शिकायतें दे रही है। महिला और उसके पति ने तहसील, नगर निगम तथा अन्य संबंधित कार्यालयों के कई चक्कर लगाए, लेकिन अधिकारियों द्वारा केवल आश्वासन ही दिया जा रहा है।
महिला के पति राजेन्द्र सिंह ने बताया कि रिकॉर्ड में मृत घोषित किए जाने के कारण उन्हें कई सरकारी सुविधाओं और दस्तावेजों से जुड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद कोई भी अधिकारी उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
जिलाधिकारी को भी कई बार दे चुकी हैं प्रार्थनापत्र
पीड़ित दंपति का आरोप है कि चार माह से वह संबंधित विभाग के साथ साथ जिलाधिकारी के कार्यालय के कई चक्कर लगा चुके है। लेकिन उनकी सुनने को कोई तैयार नहीं है। आलम यह है कि चार माह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों ने रिकॉर्ड में सुधार नहीं किया है। अधिकारियों से मिलने की कोशिश करने पर उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय भेज दिया जाता है। इससे बुजुर्ग दंपति मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान हो चुके हैं।
क्या है जिलापूर्ति अधिकारी का कहना
जिलापूर्ति अधिकारी मनीश कुमार सिंह का कहना है कि दो दिन पहले ही उन्हें इस मामले की जानकारी मिली जल्द ही उनकी समस्या का समाधान कर दिया जाएगा। हालांकि बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह कई बार जिलापूर्ति अधिकारी कार्यालय के चक्कर काट चुकी है लेकिन अश्वासन के अतिरिक्त उन्हें कुछ नहीं मिल रहा है।
और भी है इस प्रकार के मामले
जानकारी हांसिल करने पर पता चला की इस प्रकार के कई मामले समस्त उत्तर प्रदेश से आ रहे है। लोगों की शिकायतों को देखते हुए लखनऊ से उन्हें इस प्रकार की गलतियों को सुधारने के लिए निर्देश मिल गए हैं। विभागीय लोगों ने बताया कि कई बार जनसुविधा केन्द्र द्वारा इस प्रकार की गलती हो जाती है। इसलिए जब भी कोई भी सरकारी फार्म या केवाईसी करें तो हमेशा सतर्क रहे और कोई भी गलत विकल्प न चुने।
