टीएमसी के बाद उद्धव की सेना में भी टूट के आसार

टीएमसी के बाद उद्धव की सेना में भी टूट के आसार

ममता दीदी की टीएमसी में बागी सांसदों का मामला अभी ठंडा भी नहीं हो पाया था कि महाराष्ट्र में शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के सामने भी बागी सांसदों का खतरा मंडराने लगा है। अनुमान के अनुसार उद्धव गुट से 9 में से 6 सांसद बगावत का मन बना चुके है।

महाराष्ट्र की सियासत में उद्धव के कभी सबसे मजबूत सिपहसालार रहे एकनाथ शिंदे ने सत्ता और सेना दोनों ही उनसे छीन ली थी। ऐसे में उद्धव किसी तरह तिनके-तिनके जोड़कर खुद को मजबूत करने में जुटे थे, लेकिन एक बार फिर से उनकी पार्टी के टूटने का खतरा मंडराने लगा है। जानकारों के अनुसार उद्धव गुट के 9 में से 6 सांसद बगावत का मन बना चुके हैं। अगर यह राजनीतिक दावपेंच सच साबित हुआ तो स्थापना दिवस से पहले उद्धव ठाकरे को एक और बड़ा झटका लग सकता है।

जानकारी के अनुसार उद्धव ठाकरे ने रविवार को अपने आवास ‘मातोश्री’ में शिवसेना (यूबीटी) सांसदों की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मात्र 4 ही सांसद पहुंचे थे और 5 सांसद गैर हाजिर रहे थे, इस घटना के बाद से महाराष्ट्र की राजनीति में नया सियासी तूफान खड़ा हो गया और दलबदल के कयास लगाए जाने लगे। महाराष्ट्र की राजनीति में उद्धव ठाकरे एक बार फिर से उसी मुकाम पर खड़े नजर आ रहे हैं, जहां 2022 में एकनाथ शिंदे के दांव से पहले थे। एक बार फिर से उद्धव ठाकरे के सामने अपनी पार्टी को बचाए रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।

टीएमसी में सांसदों के बागी होने के बीच शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों के बागी होने का खतरा बढ़ गया था। इसी खतरे को देखते हुए उद्धव ने अपने सभी लोकसभा सांसदों की बैठक बुलाई थी। उद्धव की बुलाई गई बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के मात्र चार लोकसभा सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ही पहुंचे थे। माना जा रहा था कि उद्धव के साथ शिवसेना (यूबीटी) के ये चार लोकसभा सांसद ही मजबूती से साथ खड़े है, जबकि पांच सांसद अलग राह पर है। जबकि मंगलवार शाम तस्वीर बदल गई और 9 में से 6 सांसद बगावत का मन बना चुके हैं।

बता दें कि मातोश्री में हुई मीटिंग के बाद संजय राउत ने दावा किया था कि 5 सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे, ओमप्रकाश राजे निंबालक, नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर और संजय देशमुख ऑनलाइन जुड़े थे। पांचवें सांसद संजय जाधव ने फोन से बातचीत कर अपनी हाजिरी लगाई। हालांकि संजय राउत के दावे के उलट यूबीटी गुट के 5 सांसद मीटिंग से गायब ही रहे।

इस बीच यह खबर भी आई कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने दिल्ली यात्रा के दौरान उद्धव गुट के सांसदों के साथ मीटिंग की। उद्धव जिस समय मातोश्री में बैठक कर रहे थे, उसी दौरान शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय देशमुख ने दिल्ली में एकनाथ शिंदे खेमे के मंत्री प्रताप राव जाधव से मुलाकात की। प्रताप जाधव ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के सभी सांसद हमारे दोस्त हैं, हमने साथ में काम किया है। इनमें कुछ सांसद अपनी पार्टी नेतृत्व से खुश नहीं है।

उद्धव गुट के कई सांसदों पर सस्पेंस बरकरार

केंद्रीय मंत्री प्रताप जाधव से लेकर एमएलसी कृपाल तुमाने ने दावा कर रहे हैं कि उद्धव ठाकरे की पार्टी टूट सकती है। कृपाल तुमाने ने कहा कि एकनाथ शिंदे का ऑपरेशन टाइगर सफल होने वाला है, शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के 7 लोकसभा सांसद शिंदे सेना में आने के लिए तैयार हैं। एक महीने की बातचीत के बाद वे संसद के मॉनसून सत्र से पहले शिवसेना में शामिल हो जाएंगे। साथ ही उन्होंने 16 विधायकों के भी शिंदे गुट के संपर्क होने का दावा किया।

उद्धव गुट के सांसद संजय राउत ने कहा कि पार्टी के सभी 9 सांसद उद्धव ठाकरे के साथ हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में उनकी पार्टी जल्द ही ऑपरेशन वुल्फ शुरू करेगी और उनके निशाने पर शिंदे सेना के विधायक-सांसद होंगे। हालांकि, उद्धव ठाकरे के कई सांसदों पर सियासी सस्पेंस बना हुआ है।

क्या है संभावना

लोकसभा में शिवसेना (यूबीटी) के 9 सांसद हैं। दलबदल के नियमों के अनुसार अयोग्यता से बचने के लिए दो तिहाई सदस्य अर्थात कम से कम 6 लोकसभा सांसदों को एकसाथ उद्धव गुट से अलग होना होगा। शिवसेना एमएलसी कृपाल तुमाने का दावा है कि मॉनसून सत्र से पहले उद्धव गुट के 7 लोकसभा सांसद शिंदे कैंप जॉइन करेंगे। इन सांसदों से बातचीत आखिरी दौर में पहुंच गई है। वहीं, उद्धव ठाकरे डैमेज कन्ट्रोल में जुट गए हैं। उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे नाराज सांसदों से सीधे बातचीत कर रहे हैं, ताकि उनकी नाराजगी को दूर किया जा सके।

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