लखनऊ के हालिया अग्निकांड के बाद बरेली प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों तथा मंडलायुक्त और जिलाधिकारी के मार्गदर्शन में मंगलवार को बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने अग्निशमन विभाग और पुलिस के साथ संयुक्त रूप से शहरभर में अग्नि सुरक्षा मानकों की सघन जांच अभियान चलाया।
उपाध्यक्ष बीडीए के नेतृत्व में मैट्रिक्स जिम, फिजिक्स वाला विद्यापीठ, विशाल मेगामार्ट, आकाश कोचिंग सेंटर, एलए सिटी सेंटर मॉल, महेंद्रा कोचिंग, डिवाइन क्लासिस, तकशिला कोचिंग, विनटैक लाइब्रेरी, गुरुकुल क्लासिस और अरिहंत क्लासिस समेत कई संस्थानों का निरीक्षण किया गया।
टीम ने विशेष रूप से रिहायशी क्षेत्रों और संकरी गलियों में संचालित संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की गहन पड़ताल की। जांच के दौरान भवन मानचित्र स्वीकृति, लिफ्ट संचालन मानक, फायर एनओसी, फायर अलार्म सिस्टम, अग्निशमन उपकरणों की कार्यशीलता, इमरजेंसी एग्जिट और आपदा के समय निकासी व्यवस्था की जांच की गई।
अभियान के दौरान पीलीभीत बाईपास स्थित होटल रजानी और होटल सैटेलाइट में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर कार्रवाई की गई। होटल रजानी का संचालन मानचित्र स्वीकृति के विपरीत तथा फायर एनओसी के बिना पाया गया, जबकि होटल सैटेलाइट बिना मानचित्र स्वीकृति संचालित हो रहा था।
दोनों प्रतिष्ठानों को उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम-1973 के तहत सील कर दिया गया। निरीक्षण में जिन संस्थानों में कमियां मिलीं, उन्हें निर्धारित समय में सुधार के निर्देश दिए गए।
बीडीए उपाध्यक्ष ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार जारी रहेंगे ताकि किसी भी संभावित अग्नि दुर्घटना को रोका जा सके।
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