नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कई दिनों से चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के आंदोलन का मंगलवार को सरकार के साथ तीसरे दौर की वार्ता के बाद आंदोलन समाप्त हो गया। दोनों पक्षों के बीच हुई बातचीत के बाद सीजेपी ने तत्काल प्रभाव से अपना आंदोलन वापस लेने की घोषणा की और प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील की।
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
वार्ता के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री को अपना इस्तीफा सौंप दिया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत की युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और मौजूदा परिस्थितियों का देश विरोधी ताकतें लाभ न उठा सकें, साथ ही छात्र कानूनी विवादों में न उलझें, इसी उद्देश्य से उन्होंने पद छोड़ने का निर्णय लिया है।
प्रधान ने कहा कि उनका उद्देश्य छात्रों को उनकी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देना है तथा देश में शांति और एकजुटता बनाए रखना है।
सीजेपी ने बताया आंदोलन की बड़ी जीत
सरकार के साथ वार्ता के बाद सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि संगठन की तीन प्रमुख मांगें थीं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- प्रदर्शनकारियों और आयोजकों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे एवं एफआईआर वापस लेना तथा भविष्य में कोई कार्रवाई न करना।
- नीट परीक्षा से जुड़े घटनाक्रम के बाद जान गंवाने वाले छात्रों के परिवारों को एक करोड़ का मुआवजा।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के साथ उनकी पहली मांग पूरी हो गई है। वहीं सरकार ने प्रदर्शनकारियों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और भविष्य में छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया है। इसके बाद संगठन ने अपना आंदोलन समाप्त करने की घोषणा कर दी।
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सरकार ने सुझावों पर विचार का दिया भरोसा
वार्ता के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास तथा राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका से मुलाकात की। बैठक के दौरान सरकार ने सीजेपी द्वारा दिए गए सुझावों पर गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया।
संयुक्त प्रेस वार्ता में सीजेपी नेतृत्व ने सभी समर्थकों से शांतिपूर्ण ढंग से अपने घर लौटने की अपील की।
दिल्ली पुलिस की ट्रैफिक एडवाइजरी
जंतर-मंतर और नई दिल्ली क्षेत्र में भारी भीड़ को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने एडवाइजरी जारी की। पुलिस ने लोगों से नई दिल्ली जिले में अनावश्यक यात्रा से बचने और वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी ताकि यातायात बाधित न हो।
रेखा गुप्ता ने इस्तीफे को बताया नैतिक निर्णय
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोशल मीडिया पर जारी संदेश में कहा कि धर्मेंद्र प्रधान ने सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, भारतीय भाषाओं में शिक्षा को बढ़ावा देने तथा तकनीकी एवं उच्च शिक्षा के विस्तार में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुख्यमंत्री ने उनके इस्तीफे को राष्ट्रहित में लिया गया नैतिक निर्णय बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
सोनम वांगचुक बोले— यह लोकतंत्र की जीत
शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को “लोकतंत्र की जीत” बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह शांति, धैर्य और लोकतांत्रिक संघर्ष की सफलता है। उन्होंने आंदोलन में शामिल छात्रों और देशभर के नागरिकों को बधाई देते हुए कहा कि अब जवाबदेही के साथ सुधार की दिशा में आगे बढ़ने का समय है।
सीजेपी प्रमुख का बयान
सीजेपी प्रमुख अभिजीत दीपके ने आंदोलन की सफलता पर कहा कि यह छात्रों की एकजुटता और लोकतांत्रिक संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि संगठन की दो मांगें अभी भी शेष हैं—20 तारीख को छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई तथा आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा। उन्होंने कहा कि संगठन आगे भी इन मांगों को लेकर सरकार के समक्ष अपनी बात रखेगा।
