• October 5, 2026
  • Last Update August 31, 2026 1:57 am
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सोनम वांगचुक और उद्धव ठाकरे

सोनम वांगचुक के समर्थन में आए उद्धव ठाकरे, अनशन को दिया समर्थन

दिल्ली में चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन का शिवसेना-यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे ने समर्थन किया है। उद्धव ठाकरे ने सोमवार को एक बड़ा एलान किया है। यह आंदोलन नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहा है। उद्धव ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के प्रदर्शन का भी समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि सभी राजनीतिक दलों को अपने झंडे अलग रखकर इस आंदोलन का साथ देना चाहिए।

उद्धव ठाकरे ने राहुल गांधी से की खास अपील

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से उद्धव ठाकरे ने भी इस प्रदर्शन का समर्थन करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने वांगचुक से भूख हड़ताल वापस लेने का अनुरोध किया। सोमवार को वांगचुक के अनशन का 16वां दिन था। उद्धव ने कहा कि वांगचुक की जान बहुत कीमती है। लेकिन केंद्र सरकार असंवेदनशील है। सरकार को इस आंदोलन की कोई परवाह नहीं है।

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24 दिनों से चल रहा है आंदोलन?

नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर यह आंदोलन पिछले 24 दिनों से जारी है। शिक्षक और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी 28 जून को इस प्रदर्शन में शामिल हुए थे। वह तभी से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। सीजेपी की मांग है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। इसके साथ ही मई में नीट पेपर लीक के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 1-1 करोड़ रुपये का मुआवजा मिले। मेडिकल प्रवेश परीक्षा पिछले महीने दोबारा आयोजित की गई थी।

गिर रहा है सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य?

इस नई पार्टी सीजेपी के संस्थापक राजनीतिक संचार रणनीतिकार अभिजीत दीपके हैं। यह आंदोलन 20 जून को शुरू हुआ था। सोमवार को पार्टी ने बताया कि भूख हड़ताल के कारण सोनम वांगचुक का वजन 8.2 किलोग्राम कम हो गया है। उनका ब्लड ग्लूकोज लेवल भी गिरकर 67 mg/dL पर आ गया है। इस संगठन ने संसद के मानसून सत्र के पहले दिन यानी 20 जुलाई को संसद मार्च का एलान किया है।

उद्धव ठाकरे ने कहा कि सभी दल अपने राज्यों में इस मुद्दे पर प्रदर्शन करें। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जब सीजेपी संसद मार्च करेगी, तब शिवसेना यूबीटी महाराष्ट्र में प्रदर्शन करेगी। शिवसेना यूबीटी के सांसद मानसून सत्र में संसद के अंदर भी यह मुद्दा उठाएंगे। उद्धव ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगना कोई छोटी बात नहीं है। दूसरी तरफ, राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया कि सरकार नहीं चाहती कि वांगचुक जिंदा रहें।

सोनम वांगचुक को देशद्रोही कहना गलत: उद्धव ठाकरे

उद्धव ठाकरे ने आगे कहा कि देश को लद्दाख के इस कार्यकर्ता की प्रतिभा का इस्तेमाल करना चाहिए था। लेकिन उन्हें देशद्रोही कहा गया और जेल में डाल दिया गया। लद्दाख को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग पर पिछले साल सितंबर में लेह में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इसके बाद वांगचुक को हिरासत में लिया गया था।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत उनकी हिरासत रद्द किए जाने के बाद उन्हें 14 मार्च 2026 को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा किया गया था। उद्धव ने यह भी बताया कि वह 18 जुलाई को नागपुर जाएंगे। वहां वह ‘राम रक्षा’ आंदोलन में भाग लेंगे। यह आंदोलन अयोध्या के राम मंदिर में मिले दान में कथित हेराफेरी के खिलाफ शुरू किया गया है।

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