• October 5, 2026
  • Last Update August 31, 2026 1:57 am
  • Bareilly
धोखाधड़ी

धोखाधड़ी और चेक बाउंस मामले में आरोपी के खिलाफ बीडब्ल्यू वारंट जारी, एक माह में कोर्ट में पेश होने के निर्देश

आगरा। रुपयों के लेनदेन और चेक बाउंस से जुड़े मामले में सिविल जज, जूनियर डिवीजन, त्वरित न्यायालय संख्या 01 आगरा की अदालत ने आरोपी यश्वी शर्मा के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बीडब्ल्यू (जमानती वारंट) जारी किया है। न्यायालय ने आरोपी को एक माह के भीतर अदालत में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित अवधि में आरोपी न्यायालय के समक्ष पेश नहीं होता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार आगे की कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रकरण के अनुसार वादी मनोज कुमार सिंह ने अपने अधिवक्ता जयवर्धन के माध्यम से न्यायालय में प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया था कि वर्ष 2021 में प्रतिवादी यश्वी शर्मा ने घरेलू आवश्यकता का हवाला देते हुए उनसे लगभग 1.70 लाख रुपये उधार लिए थे। वादी के अनुसार यह राशि डिजिटल माध्यम और नकद के रूप में दी गई थी, जिसे छह माह के भीतर लौटाने का आश्वासन दिया गया था।

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वादी का आरोप है कि निर्धारित अवधि बीतने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। बार-बार मांग करने पर टालमटोल की गई और बाद में कथित रूप से धमकी भी दी गई। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए न्यायालय की शरण ली। मामले की जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि वादी की मुलाकात अजय कुमार शर्मा से बस यात्रा के दौरान हुई थी। बाद में दोनों के बीच परिचय बढ़ा और जनवरी 2021 में पारिवारिक समस्या का हवाला देकर आर्थिक सहायता मांगी गई।

आरोप है कि मार्च 2021 में अजय शर्मा के भाई विजय के दुर्घटनाग्रस्त होने का कारण बताते हुए कुछ राशि यश्वी शर्मा के बैंक खाते में जमा कराई गई, जबकि कुछ नकद दी गई। वादी के अनुसार रकम लौटाने के लिए यश्वी शर्मा की ओर से 1.10 लाख रुपये का चेक दिया गया, जो बैंक में प्रस्तुत करने पर बाउंस हो गया। इसके बाद केवल 8 हजार रुपये ही वापस किए गए।

बताया गया कि न्यायालय द्वारा पूर्व में कई बार समन जारी कर आरोपी को पेश होने का अवसर दिया गया, लेकिन वह लगातार अनुपस्थित रहा। आरोपी की इस अनदेखी को गंभीर मानते हुए अदालत ने अब उसके विरुद्ध बीडब्ल्यू वारंट जारी किया है और एक माह के भीतर न्यायालय में उपस्थित होने की हिदायत दी है। न्यायालय ने संकेत दिए हैं कि आदेश की अवहेलना होने पर विधि सम्मत कठोर कार्रवाई की जा सकती है।

बताते हैं की आरोपी यश्वी शर्मा के पिता अजय शर्मा और चाचा विजय शर्मा भी एक हत्या के प्रयास के मामले में कोर्ट से जमानत पर बाहर चल रहे हैं और आपराधिक प्रवृत्ति के हैं और अपनी दबंगई के चलते आये दिन लोगों में चर्चा का विषय बने रहते हैं। इतना ही नहीं आरोपी यश्वी पर भी आरोप हैं की उसने अन्य लोगों से भी रुपयों के लेनदेन में लेकर धोखाधड़ी अंजाम दी है।

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