बरेली। पवित्र ज्येष्ठ मास के उपलक्ष्य में नाथ नगरी बरेली के चाहबाई स्थित श्री चित्रगुप्त जी महाराज मंदिर में आध्यात्मिक ऊर्जा, भक्ति और श्रद्धा का सुंदर संगम देखने को मिला। सुंदरकांड का पाठ मर्मज्ञ एवं सुप्रसिद्ध रामभक्त शिप्रा पाठक ने किया। शिप्रा पाठक ने राम भक्ति केपावन संकल्प के तहत अखंड 108 श्री हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया। 108 श्री हनुमान चालीसा का दिव्य अनुष्ठान लगातार 9 घंटे तक चला। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा के साथ सहभागिता की।
श्री हनुमान चालीसा का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण एवं संकटमोचन श्री हनुमान जी के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। पूजन के पश्चात श्री हनुमान चालीसा के अखंड पाठ का क्रम प्रारंभ हुआ, जो बिना किसी व्यवधान के नौ घंटे तक निरंतर चलता रहा। कार्यक्रम के दौरान पूरे मंदिर परिसर में जय श्री राम और जय बजरंगबली के जयघोष गूंजते रहे।
शिप्रा पाठक ने बताया कि 108 श्री हनुमान चालीसा के अखंड पाठ का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत कल्याण नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और समस्त मानवता के सुख, शांति, समृद्धि एवं मंगल की कामना करना है। उन्होंने कहा कि कलयुग के देवता के रूप में हनुमान जी की पूजा की जाती है। श्री हनुमान जी की कृपा से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं तथा श्रद्धा और विश्वास के साथ किया गया उनका स्मरण भक्तों के जीवन में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार करता है।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने पूरे मनोयोग से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। महिलाओं, युवाओं एवं बुजुर्गों की बड़ी संख्या ने आयोजन में भाग लेकर धार्मिक आस्था का परिचय दिया। पाठ के दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में भी झूमते नजर आए।
अखंड पाठ के समापन पर विधि-विधान से श्री हनुमान जी की भव्य महाआरती संपन्न हुई। इसके बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया तथा सभी के सुखमय, स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन की मंगलकामना की गई।
आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इसी प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों का क्रम निरंतर जारी रहेगा, जिससे समाज में सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक चेतना और धार्मिक मूल्यों का प्रचार-प्रसार हो सके। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग और सहभागिता से यह आयोजन अत्यंत सफल एवं यादगार बन सका।
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