बरेली। सोमवार को कमिश्नर कार्यालय पहुंचे राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री ने अपने इस्तीफे के संबंध में शासन के आरोपपत्र पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उनका इस्तीफा स्वीकार किया जाए। यह उनका अंतिम निर्णय है और यदि इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया तो वह न्यायालय की शरण लेंगे।

बता दें कि बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट के पद पर तैनाती के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने बीते 26 जनवरी को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। कमिश्नर कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान अलंकार अग्निहोत्री ने अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जांच में केवल छोटे लोगों को निशाना बनाया जा रहा है, जबकि बड़े जिम्मेदार लोगों को बचाने का प्रयास हो रहा है। अग्निहोत्री ने दावा किया कि ह कथित घोटाला 10 से 15 हजार करोड़ रुपये का है।
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राम के नाम पर सत्त और उन्हीं के नाम पर हो रहा भ्रष्टाचार- अलंकार अग्निहोत्री
अलंकार अग्निहोत्री ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि भगवान राम के नाम पर सत्ता हासिल की गई, उन्हीं के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग में कथित 650 करोड़ रुपये के घोटाले का भी उल्लेख करते हुए सरकार पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जनता वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में इसका जवाब देगी। अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी घोषणा की कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगा।
